उत्तराखंड के पशुपालकों के लिए अच्छी खबर है। बताया जा रहा है कि अब पशुपालकों से गोवर्धन योजना के तहत दूध के साथ ही गोबर भी खरीदा जाएगा। डेयरी विकास विभाग गोबर खरीद की इस नई स्कीम के जरिए किसानों को लाभ मिलेगा। जी हां उत्तराखंड डेयरी फेडरेशन से जुड़े पशुपालक अब अपने पशुओं के दूध के साथ उसका गोबर भी बेच सकेंगे। आइए जानते है इस गोबर को कैसे खरीदा जाएगा और इसका क्या किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि पशुपालकों को अपने गोबर को बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। पार्टनरशिप कंपनी पशुपालकों के घर से ही गोबर का कलेक्शन करेगी। डेयरी फेडरेशन पीपीपी मोड के तहत ₹1 से लेकर ₹2 प्रति किलो की दर से पशुपालकों से गोबर खरीदेगा। पीपीपी मोड पर पहले चरण में सितारगंज और हरिद्वार में प्लांट लगाए गए हैं। जहां 70 फीसदी सरकार तो 30 फीसदी निजी कंपनी ने निवेश किया है। योजना के तहत दोनों प्लांट को लगाने के लिए 8 करोड़ रुपए का बजट खर्च किया गया है। एक प्लांट को तैयार करने में करीब ₹4 करोड़ का खर्च आया है।

बताया जा रहा है कि योजना के तहत गोबर से बायोगैस के साथ पेंट तैयार किए जाएंगे। जबकि वेस्ट मटेरियल से खाद तैयार किया जाएगा।  गौरतलब है कि अभी तक डेयरी समितियों से जुड़े दूध उत्पादकों से दूध की खरीद की जाती है, लेकिन अब पशुपालकों के आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से इस योजना को लाया गया है। ताकि पशुपालकों के साथ डेयरी विभाग की भी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।

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