Teachers’ Day: उत्तराखंड को गौरवान्वित करने वाली खबर है। इस साल देश में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए 46 शिक्षकों में प्रदेश के दो शिक्षकों का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है। प्रधानाचार्य कौस्तुभचंद्र जोशी और प्रवक्ता प्रदीप नेगी को पांच सितंबर को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु दिल्ली में सम्मानित करेंगी। दोनों शिक्षकों की इस उपलब्धि के लिए हर कोई उन्हें बधाई दें रहा है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार उत्तराखंड से तीन शिक्षकों का नाम राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भेजा गया था। जिसमें नैनीताल में प्रतापपुर-चकालुआ स्थित एसडीएस राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य कौस्तुभचंद्र जोशी और हरिद्वार में बीएचईएल इंटर कालेज में प्रवक्ता पद पर कार्यरत शिक्षक प्रदीप नेगी का चयन हुआ है। बताया जा रहा है कि जोशी की ओपन केटेगरी में चुना गया है। जबकि नेगी स्पेशल कैटेगरी( दिव्यांग) के तहत पुरस्कार के लिए पात्र पाए गए।

बताया जा रहा  है कि दोनो शिक्षक राष्ट्रीय आईसीटी पुरस्कार से भी सम्मानित हैं। प्रधानाचार्य जोशी ने अपने सेवाकाल में शिक्षा से जुड़े इंटरनेट कंटेट की मदद से छात्रों के शिक्षण को सरल करने का प्रयास किया। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के प्रयोग कर छात्रों केा जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया है। तो वहीं शिक्षक प्रदीप नेगी को शिक्षण में नवाचार के लिए जाना जाता है।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी की वजह से दो साल तक उत्तराखंड की झोली पुरस्कार से खाली रही थी। अब प्रदेश को सम्मान मिलने वाले है। बताया जा रहा है कि कि वर्ष 2018 से केंद्र सरकार ने पुरस्कार के मानक काफी कड़े कर दिए हैं। तब से चयन प्रक्रिया में शामिल होना भी बड़ी परीक्षा होता है। पहले जहां उत्तराखंड को हर साल छह से सात शिक्षकों को पुरस्कार मिल जाता था। अब एक-एक पुरस्कार के लिए काफी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ता है।

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