देशसेवा करते हुए शहीद हुए देवभूमि के  सपूत का आज उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। रुद्रप्रयाग में अगस्त्यमुनि ब्लॉक के फलई गांव निवासी 42 वर्षीय शहीद कुलदीप सिंह भंडारी को रविवार को विजयनगर में मंदाकिनी नदी किनारे पैतृक घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। इस दौरान जहां शहीद की अंतिम विदाई में जन सैलाब उमड़ पड़ा तो वही जब 15 वर्षीय बेटे ने मुखाग्नि दी तो हर आंख नम हो गई।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार  रुद्रप्रयाग में अगस्त्यमुनि ब्लॉक के फलई गांव निवासी 42 वर्षीय कुलदीप सिंह भंडारी 35 असम रायफल में हवलदार पद पर तैनात थे। वह पिछले कुछ समय से शिलांग में ड्यूटी कर रहे थे। शुक्रवार को सेना जवान कहीं किसी ऑपरेशन पर जा रहे थे। इस दौरान जवान कुलदीप भंडारी शहीद हो गए। घटना कैसे हुई और कहां से हमला हुआ, इसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है।

बताया जा रहा है कि शनिवार देर शाम को शहीद का पार्थिव शव सेना के हेलीकॉप्टर के देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंच गया है। रविवार को विजयनगर में मंदाकिनी नदी किनारे पैतृक घाट पर शहीद की सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। शहीद अपने पीछे बूढ़ी मां, पत्नी, 15 वर्षीय पुत्र आयुष व 18 वर्षीय पुत्री ईशा को छोड़ गए हैं। पिता की मौत से जहां बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं मां और पत्नी बेसुध है। पैतृक घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंमित सलामी दी गई । शहीद के 15 साल के बेटे ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी ।

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