Uttarakhand News: उत्तराखंड के दफ्तरों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है।मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने सरकारी, अर्द्ध सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में कोल्ड ड्रिंक और पानी की प्लास्टिक की बोतलों के प्रयोग सहित कई चिजों पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और प्रभारी सचिवों को निर्देश दिए हैं कि सितंबर से पहले इन उत्पादों के विकल्प पर विचार कर लिया जाए।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार आदेश में कहा गया है कि राज्य में सरकारी कार्यालयों में पहली सितंबर से कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलों के साथ ही प्लास्टिक की पानी की बोतल पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, जूस की बोतल, सॉस, आचार, चाय ,काफी के प्लास्टिक पाउच, बिस्किट, नमकीन, चिप्स के मल्टीलेयर पैकेज, गुलदस्ते में प्रयुक्त होने वाला नॉन वोवन प्लास्टिक या प्लास्टिक रैपर, प्लास्टिक के बैनर और फ्लैक्स, प्लास्टिक से बने स्टिकर और यूज एंड थ्रो लेखन सामग्री पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।

इससे पहले प्लास्टिक स्टिक युक्त ईयर बड्स, गुब्बारे के साथ प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक स्टिक के साथ झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम की डंडियां, थर्माकोल की सजावटी सामग्री, प्लास्टिक की प्लेट, प्लास्टिक के कटोरे, प्लास्टिक के कप, प्लास्टिक के गिलास, प्लास्टिक के कांटे, प्लास्टिक के चम्मच, प्लास्टिक के चाकू, प्लास्टिक के स्ट्रा, प्लास्टिक की ट्रे, मिठाई के डिब्बे, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट, प्लास्टिक के बैनर आदि पर रोक लगाई जा चुकी है।

बताया जा रहा है कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक को लेकर शासन सख्त है। पहले ही 22 चीजों पर सरकार रोक लगा चुकी है और अब नौ अन्य को भी इस श्रेणी में लाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। इसी कड़ी में मुख्य सचिव ने आदेश जारी किए है। वहीं निदेशालय में किसी भी आयोजन में पानी के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक बोतलों की जह तांबे के लोटे इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

UPDATE NEWS