उत्तराखंड में शैक्षिक योग्यता के फर्जी प्रमाणपत्र के मामले कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ऐसे ही फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर कई कर्मचारियों पर गाज गिर चुकी है। लेकिन विडंबना यह है लोग अभी भी इस बात से सीखें नही हैं। लोग भले ही जाली प्रमाण पत्र   ( फर्जी प्रणाम पत्र ) लगाकर अपनी योग्यता दर्शा तो देते हैं लेकिन कहीं ना कहीं उन्हें आगे इसका नुकसान भुगतना पड़ता है। ऐसे ही ताजा मामला हरिद्वार जिले से सामने आया है। यहां ग्राम प्रधान ने अपने शैक्षिक योग्यता के प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़ा किया है। जिसके बाद एसडीएम ने ग्राम प्रधान को अयोग्य घोषित किया है।

मिली जानकारी के अनुसार हरिद्वार जिले के बहादराबाद ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोटा मुरादनगर की ग्राम प्रधान के शैक्षिक प्रमाणपत्र जाली मिले है। कोटा मुरादनगर के ही मुजम्मिल अली ने निर्वाचित ग्राम प्रधान शाहजहां के शैक्षिक दस्तावेजों के फर्जी होने का आरोप लगाया था। ग्राम प्रधान शाहजहां ने नामांकन पत्र में कमला देवी जूनियर हाई स्कूल के शैक्षिक योग्यता का प्रमाण दिया था। मामला कोर्ट पहुंचा कोर्ट लेकिन शाहजहां ने बचाव के लिए कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए। ये भी सानमे आया कि शाहजहां ने स्कूल से कभी कोई शिक्षा ग्रहण नहीं की है।

एसडीएम पूरण सिंह राणा ने शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी होने के बाद शाहजहां को ग्राम पंचायत कोटा मुरादनगर के प्रधान पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। उन्होंने बताया कि अब आगे की कार्रवाई जिला पंचायत राज अधिकारी और जिलाधिकारी करेंगे।

 

 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

UPDATE NEWS