समाज के पिछड़े और गरीब वर्ग को आगे बढ़ाने की दिशा में सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। इसके तहत प्रदेश के तीन विश्वविद्यालयों में मेधावी और जरूरतमंद छात्रों को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने के लिए कोचिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। जिसके लिए कवायद शुरू हो गई है। आर्थिक रूप से कमजोर और खासकर लड़कियों को इस कोचिंग में वरीयता दी जाएगी। कोचिंग सेंटर अक्टूबर से शुरू करने की तैयारी हैं। जिससे युवा सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होकर अफसर बन सकेंगे।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार वर्तमान में उत्तराखंड से संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में कम संख्या में बच्चे पास हो पाए हैं। ऐसे में सिविल सेवाओं में अधिक से अधिक कामयाबी के लिए उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं को उचित मार्गदर्शन और तैयारी के लिए कवायद तेज हो गई है। राज्य के तीन विश्वविद्यालय अब जरूरतमंद मेधावी छात्र-छात्राओं को संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कराएंगे। बताया जा रहा है कि इसके लिए शासन ने कवायद शुरू कर दी है। ये कोचिंग सेंटर दून विवि देहरादून, गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि पंतनगर और श्रीदेव सुमन विवि के ऋषिकेश कैंपस में स्थापित किए जा रहे हैं।

उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने राजभवन में तीनों विवि के कुलपति समेत तमाम अधिकारियों के साथ कोचिंग सेंटर को लेकर विमर्श किया। उन्होंने आगे कहा कि इन कोचिंग सेंटर में बेहद रियायती शुल्क में तैयारी कराई जाएगी। यहां विषय विशेषज्ञ शिक्षक सेवाएं देंगे। साथ ही, देशभर में अग्रणी श्रेणी के संस्थानों के विशेषज्ञों की सहायता भी ली जाएगी। प्रशासनिक सेवाओं में छात्र-छात्राओं को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए सरकार ने यह पहल की है।

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