उत्तराखंड में धामी सरकार लगातार जीरो टोलरेंस को लेकर बड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में अब सीएम धामी ने एक वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी के खिलाफ जांच के निर्देश दिए है। बताया जा रहा है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में अब सीनियर पीसीएस अफसर निधि यादव जांच के घेरे में गिर गई हैं। सीएम ने मामले में खुली जांच की मंजूरी दे दी है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार निधि यादव पीसीएस अफसरों की डीपीसी के दौरान भी विवादों में घिर गई थी। जबकि विजिलेंस को भी प्राथमिक जांच में उनके पास आय से अधिक संपत्ति के कई तथ्य मिले थे। बताया जा रहा है कि सितंबर 2021 में निधि यादव पीसीएस अधिकारी थी और निवेशक मंडी परिषद रुद्रपुर उधम सिंह नगर के पद पर थी। इस दौरान उनके विरुद्ध उत्तराखंड प्रदेश में विभिन्न पदों पर नियुक्ति के दौरान पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार के माध्यम से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोपों के संबंध में गोपनीय जांच आख्या प्रेषित करते हुए खुली जांच की संस्तुति की गई थी।

जिसके बाद मई 2018 को इस संबंध में गोपनीय जांच शुरू हुई थी जिसमें निधि यादव के द्वारा उनके और उनके परिवारिक सदस्यों के नाम कई संपत्तियों का खुलासा हुआ है और लाखों की धनराशि उनके द्वारा बैंक ऑनलाइन और चेक के माध्यम से ट्रांसफर की गई है इस संबंध में विजिलेंस ने शासन को पत्र लिखकर मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी थी लेकिन इस मामले में अनुमति नहीं मिल पाई थी। बताया जा रहा है कि निधि यादव से जुड़ी फाइल ही शासन से गायब हो गई थी। एक बार फिर वह डीपीसी को लेकर सुर्खियों में आ गई।  मामले में अब निधि यादव कानूनी शिकंजे में भी आ गई है और शासन ने उनके खिलाफ विजिलेंस की खुली जांच की अनुमति दे दी है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

UPDATE NEWS