पिथौरागढ़ः उत्तराखंड में कई पर्यटक स्थल है लोग यहां सुकून के पल बिताने आते है।  उच्च हिमालयी इलाके पिथौरागढ़ में मौजूद खलिया टॉप पर जाना अब आसान नहीं होगा। बताया जा रहा है कि यहां अकसर लोगों के लापता होने की खबरे आ रही है। अब लगातार सैलानियों के गायब या लापता होने की घटनाओं के बाद प्रशासन ने सख्ती की है। अब खलिया टॉप पर जाने वाले सैलानियों का रिकॉर्ड रखे जाने की तैयारी है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार हाल ही में पिथौरागढ़ जिले में खलिया ट्रैक पर ट्रेकिंग को गए दो पर्यटक रास्ता भटकने से लापता हो गए थे। सूचना के बाद हरकत में आए पुलिस, प्रशासन ने गायब पर्यटकों की खोजबीन को सर्च अभियान चलाया। खोजने में सर्च टीम को 50 से अधिक घंटे लग गए। बताया जा रहा है कि ये सैलानी रास्ता भटक गए थे और थके-हारे एक चट्टान के नीचे मिले। इन सैलानियों को खोजने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने निर्देश दिए थे। इसके बाद धामी ने ही अपने सोशल मीडिया पर यह भी बताया था कि इस खोज अभियान के लिए हेलीकॉप्टर भी रेस्क्यू टीम को मुहैया करवाया गया। इस पूरी कवायद के बाद अब खलिया टॉप पर जाने वाले सैलानियों का रिकॉर्ड रखे जाने की तैयारी है।

गौरतलब है कि समर सीजन में यहां भारी संख्या में सैलानी जाते हैं और अब तक इनका रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था। बीते एक पखवाड़े में खलिया टॉप के रास्ते में अलग-अलग घटनाओं में 4 सैलानी लापता हुए, जिन्हें खोजना प्रशासन के लिए खासा सिरदर्द रहा। आगे इस सिरदर्द से बचने की कवायद शुरू की गई है। खलिया टॉप रूट पर साइन बोर्ड लगाने के लिए वन विभाग को 10 लाख की धनराशि भी दी गई है। खलिया टॉप ट्रेकिंग रूट भी है और बीते कुछ सालों में यहां साहसिक पर्यटकों की तादाद काफी बढ़ी है।

उत्तराखंड में यहां जाना अब पर्यटकों के लिए नहीं होगा आसान, शासन सख्त…

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