देहरादून। सीबीसीआईडी ने खटीमा कोतवाली के सीमावर्ती कुटरा इलाके के 3 साल पुराने हत्याकांड मामले का सर्विलांस और पॉलीग्राफ टेस्ट की मदद से खुलासा किया। हत्या के तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा चुका है।

3 साल से लटका था मामला

आपको बता दें कि वर्ष 10 अगस्त 2019 को कुटरा ग्राम सभा निवासी कैलाश सिंह भंडारी द्वारा अपने भतीजे भगवान सिंह उर्फ भग्गी की हत्या की खटीमा कोतवाली में तहरीर दी। जिसमे कैलाश सिंह ने स्थानीय निवासी ध्रुव सिंह आदि पर अपने भतीजे की हत्या का आरोप लगाया था।
हत्या की तहरीर पर खटीमा पुलिस ने मामले को सुलझाने का बहुत प्रयास किया , लेकिन हत्या की गुत्थी नही सुलझ पायी।

सर्विलांस और पॉलीग्राफ टेस्ट ने सुलझायी हत्याकांड की गुत्थी

जिसके बाद उच्च अधिकारियों द्वारा आगे की जांच के लिए ये केस सीबीसीआईडी हल्द्वानी को सौंप दिया गया। सीबीसीआईडी टीम ने नामजद अभियुक्तों के खिलाफ सर्विलांस के माध्यम से सबूत इकट्ठे किये गए। साक्ष्य की बिनाह पर पुलिस ने आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया।
टेस्ट और सबूतों की बिनाह पर पुलिस ने 6 जून 2022 को कुटरा निवासी 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

आरोपियो की पहचान

हत्या मामले में आरोपियों की पहचान ध्रुव सिंह, सुरेंद्र सिंह राणा और किशन सिंह के रूप में हुई है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा जा चुका है। सीबीसीआईडी टीम ने सर्विलांस और पॉलीग्राफ टेस्ट से आरोपियो के खिलाफ सबूत जुटाए थे। जिनकी मदद से सीबीसीआईडी टीम 3 साल पुराने हत्याकांड मामला को सुलझाने में कामयाब हुई।

ब्रेकिंग: आज की बड़ी खबरों में से एक, सीबीसीआईडी का बड़ा खुलासा…

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