देहरादून: राजधानी में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। पुलिस महानिदेशक (DGP)  दीपम सेठ ने आज पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई, जिसमें अपराधियों के विरुद्ध “ऑपरेशन प्रहार” चलाने का निर्णय लिया गया है।

​DGP के सख्त निर्देश: जवाबदेही होगी तय

​बैठक में डीजीपी दीपम सेठ ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड पर उतरने और परिणाम देने के कड़े निर्देश दिए हैं:

​आईजी गढ़वाल: कानून-व्यवस्था की डेली मॉनिटरिंग करेंगे।
​एसएसपी देहरादून: अधीनस्थ अधिकारियों की टास्किंग और जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।
​एसटीएफ (STF): आईजी और एसएसपी एसटीएफ को सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर जेल भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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​पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है:

​विजिबिलिटी और चेकिंग: क्षेत्राधिकारी (CO) और थाना प्रभारी स्वयं फील्ड में रहकर हॉटस्पॉट क्षेत्रों में मौजूदगी बढ़ाएंगे।
​मॉर्निंग अलर्ट: विशेष रूप से प्रातःकालीन समय में पुलिस बल की सक्रियता और बैरियर्स पर सघन चेकिंग बढ़ाई जाएगी।
​सत्यापन अभियान: पीजी (PG), किरायेदारों और होम-स्टे में रुकने वालों का गहन सत्यापन होगा।
​नाइट लाइफ पर शिकंजा

​अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए डीजीपी ने आदेश दिया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद संचालित होने वाले बार और पब्स पर तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

​”राजधानी में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जन सुरक्षा सर्वोपरि है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।”

— दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड

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