केदारनाथ मंदिर में भक्तों के लिए पेटीएम क्यूआर कोड स्कैन की जिस सुविधा का चर्चा हर ओर हो रहा  है। उस डिजिटल डोनेशन का बड़ा खेल सामने आया है। बताया जा रहा है कि श्री केदारनाथ व श्री बदरीनाथ में मंदिरों में विभिन्न स्थानों पर डिजिटल दान के लिए लगे क्यूआर कोड  श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से नहीं लगाए गए है। जिससे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आखिर ये डोनेशन जा कहां रहा है और इसे किसने लगाया है। मामले में समीति ने रविवार को पुलिस को तहरीर देकर इसकी जांच की मांग की है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार केदारनाथ मंदिर चार धाम यात्रा का सबसे दूरस्थ तीर्थ स्थान है और मंगलवार को इसके कपाट भक्तों के लिए फिर से खोल दिए गए थे। धाम के जब कपाट खुले  तो मंदिर परिसर के बाहर एक बाहर QR CODE लगे थे जिसमे डिजिटली पैसे दान करने की बात कही गई। कहा गया कि मंदिर में आने वाले भक्त पेटीएम क्यूआर कोड को आसानी से स्कैन कर सकते हैं और पेटीएम वॉलेट, पेटीएम यूपीआई लाइट, पेटीएम पोस्टपेड और अन्य भुगतान विधियों के अलावा पेटीएम यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर सकते हैं। लेकिन अब मामले में नया मोड़ आ गया है।

बताया जा रहा है कि बीकेटीसी द्वारा वर्तमान में अपने कामकाज में पेटीएम का प्रयोग नहीं किया जाता है। पेटीएम QR CODE के बारे में समीति के अधिकारियों के संज्ञान में आने पर उसी दिन बोर्ड उतार दिए गए थे। बीकेटीसी अधिकारियों ने पहले अपने स्तर से इस मामले की छानबीन की। जिसके बाद आज ( रविवार) केदारनाथ के मंदिर अधिकारी द्वारा केदारनाथ पुलिस चौकी और बदरीनाथ में प्रभारी अधिकारी की ओर से मामले की कोतवाली में तहरीर दी है। साथ ही मामले की जांच करने की अपील भी की गई है।

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