उत्तराखंड में बरसात ने चारधाम यात्रा की रफ्तार भी थाम दी है। प्रदेशभर में 250 से ज्यादा सड़कें मलबा और भूस्खलन के कारण बंद पड़ी हैं। इन सड़कों में कुछ एनएच भी शामिल है। यमुनोत्री यात्रा पर भी दो दिन से लिए रोक लगाई गई। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले दो-तीन दिन तक भारी बारिश का आॅरेंज अलर्ट जारी किया है। पहले से ही प्रदेशभर में बारिश के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त पड़ा है। चारों धामों में पहले की बजाय कम यात्री पहुंच रहे हैं। जो पहुंच भी रहे हैं वह बारिश और भूस्खलन के कारण जगह-जगह फंस रहे हैं।

मानसून की मूसलाधार बारिश कई जगह लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनकर सामने आ रही है। यमुनोत्री हाईवे पर नौगांव में एक दिन पहले देवलसारी गदेरे में अचानक उफान आ गया था, जिससे आने-जाने वाले लोगों ने जेसीबी पर चढ़कर यहां एनएच पर आ रहे बरसाती पानी को पार किया। यमुनोत्री हाईवे ब्रह्मखाल कुमराड़ा के पास बंद है। यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भडेलीगाड में 20 मीटर रास्ता ध्वस्त हो जाने से प्रशासन ने दो दिन के लिए धाम की यात्रा रोक दी है। हालांकि अन्य तीन धामों की यात्रा पर कोई रोक नहीं लगाई गई है, लेकिन बारिश के कारण कम ही लोग चारधाम यात्रा की ओर अब रुख कर रहे हैं।

विगत शनिवार को बारिश के कारण बदरीनाथ एनएच चटवापीपल और सिरोबगड़ में बंद रहा। हालांकि देर शाम हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया। दूसरी ओर केदारनाथ हाईवे बांसवाड़ा में मलबा आने से 11 घंटे तक बंद रहा। दूसरी ओर आफत की बारिश के बीच देवप्रयाग में अलकनंदा का जलस्तर चेतावनी का निशान पार कर चुका है। जबकि, ऋषिकेश में गंगा के उफान पर आने से तटीय इलाकों को सतर्क करने के लिए मुनादी कराई जा रही है। उधर, धारचूला में बाजार के एक हिस्से में पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण 60 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।

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