उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खबर है। बताया जा रहा है कि एमबीबीएस में अब बॉन्ड की अवस्था खत्म होने वाली है। इसके साथ ही मेडिकल पीजी में 3 साल का बॉन्ड बनाया जाएगा। अगर कोई छात्र इसे छोड़ता है तो उस पर दो करोड़ रुपए जमा करने होंगे।

मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब मेडिकल कॉलेज में अब  2 साल और 1 साल जिला अस्पतालों में पीजी डॉक्टर अपनी सेवा देंगे। बताया जा रहा है कि एमबीबीएस डॉक्टर अब प्रदेश में सरप्लस होने वाले हैं। अभी तक अल्मोडा और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में बॉन्ड ऑप्शनल है। बॉन्ड पर 50 हजार फीस देकर पांच साल का बॉन्ड बनता है। वैसे भी अब फीस केवल डेढ़ लाख हो गई है। कमेटी की सिफारिश पर सरकार इसे पूर्ण रूप से खत्म करने जा रही है।

बताया जा रहा है कि डॉ. जेवी गोगोई, डॉ. संजय गौड, डॉ. रंगीन सिंह रैना, डॉ. अनिल द्विवेदी, डॉ. सुनील जोशी, अमित दुमका की कमेटी बनाई थी। जिसने राय दी कि बॉन्ड व्यवस्था की जरूरत नहीं है। जिसे जल्द ही खत्म कर दिया जाएगा। वहीं सभी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस एमडी के छात्र पांच परिवारों को गोद लेकर उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखेंगे। देशभर में यह सिस्टम उनकी पहल पर लागू होने जा रहा है।

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