चार धाम यात्रा के दौरान तीर्थ यात्रियों को किसी प्रकार का कष्ट ना हो इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चस्तरीय बैठक में  बड़ा फैसला लिया गया है। बताया जा रहा है कि  शासन ने चारधाम यात्रा में स्थानीय लोगों को अनिवार्य पंजीकरण से छूट दे दी है। अब स्थानीय लोगों को दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवाना होगा।

मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई वार्ता में चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल व महासचिव डॉ. बृजेश सती ने यही तीन प्रमुख मुद्दे उठाए थे। जिसके बाद सीएम धामी ने बैठक में ये निर्णय लिए।बैठक में सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में अन्य राज्यों से यात्रा पर आने वाले किसी भी तीर्थयात्री को दर्शन से वंचित नहीं रखा जाएगा। चाहे उहोंने पंजीकरण कराया हो या नहीं।

उन्होंने कहा कि जिन होटलों, गेस्ट हाउस और होमस्टे में बुकिंग हो चुकी है, उन यात्रियों को दर्शन से नहीं रोका जाएगा। उनका वहीं, ऑफलाइन पंजीकरण कराया जाएगा। वहीं चारधाम यात्रा हेतु श्रद्धालुओं में उत्साह है अभी तक चारों धामों हेतु पंजीकरण की संख्या छ: लाख चौंतीस हजार से अधिक पहुंच गयी है।

गौरतलब है कि मां यमुना के कपाट भी अक्षय तृतीया के दिन खुलते है।  वही श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल प्रात: 7 बजकर 10 मिनट तथा श्री केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल प्रात: 6 बजकर 20 मिनट पर तथा श्री गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया 22 अप्रैल दिन में 12 बजकर 35 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुलेंगे।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

UPDATE NEWS