Suspend: उत्तराखंड की बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं और स्वास्थ्य प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। हल्द्वानी में अस्पताल के गेट के बाहर बच्चे के जन्म का मामला गरमाता जा रहा है। मामले में स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने बड़ी कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में तैनात नर्सिंग अधिकारी को निलंबित कर दिया है। वहीं अब मामले में डॉक्टरों पर भी गाज गिर सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ने साफ कहा है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार शनिवार को खटीमा निवासी गर्भवती महिला को बिना जांच किए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर किया गया। समय पर उपचार की सुविधा न मिलने पर महिला ने राजकीय महिला अस्पताल हल्द्वानी के गेट पर बच्चे को जन्म दिया। मामले में शासन के निर्देशों पर स्वास्थ्य महानिदेशक ने राजकीय महिला अस्पताल हल्द्वानी में नर्सिंग अधिकारी दीप्ति रानी को निलंबित किया । साथ ही डॉ . दिशा बिष्ट को निलंबित करने के लिए शासन से सिफारिश की है । विभागीय जांच समिति की रिपोर्ट में पाया गया कि अस्पताल के लेबर रूम में तैनात नर्सिंग अधिकारी दीप्ति रानी ने गर्भवती महिला की जांच किए बिना ही डॉ . दिशा बिष्ट को दूरभाष पर महिला की स्थिति के बारे में बताया।

बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने महिला अस्पताल हल्द्वानी के गेट पर गर्भवती महिला के प्रसव पर नाराजगी जताते हुए सचिव स्वास्थ्य को जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि गर्भवती महिला को सरकारी अस्पताल में प्रसव की सुविधा न मिलना अस्पताल की घोर लापरवाही है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं । उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।

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