मुंबई। महाराष्ट्र की उद्धव सरकार खतरे में है। उनके दिग्गज मंत्री एकनाथ शिंदे अपने यानी, शिवसेना के 15, एक एनसीपी और 14 निर्दलीय विधायकों के साथ गुजरात के सूरत जा बसे। इस टोली में शिंदे के अलावा 3 मंत्री और हैं।

बगावती कदम के बाद शिवसेना ने शिंदे को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया है। पार्टी के इस एक्शन के बाद शिंदे ने बयान दिया, जो उनके बागी तेवरों के एकदम उलट था। उन्होंने ट्वीट किया- हम बालासाहेब के सच्चे शिवसैनिक हैं। बालेसाहेब ने हमें हिंदुत्व सिखाया है। हम सत्ता के लिए कभी भी धोखा नहीं देंगे।

सूत्रों का दावा है कि एकनाथ शिंदे ने राकांपा और कांग्रेस से गठबंधन तोड़ भाजपा के साथ गठबंधन की शर्त रखी है। यह भी कहा जा रहा है कि एकनाथ शिंदे खुद मुख्यमंत्री पद पर बैठना चाहते हैं। शिंदे ने 3 विधायकों संजय राठोड, संजय बांगर और दादा भुसे कुल को मातोश्री भी भेजा है। इस मुलाकात में क्या हुआ, ये अभी सामने नहीं आया है।

इधर, शिवसेना ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की है। साथ ही कहा कि हमारे 56 विधायक हैं। 18 मुंबई में हुई बैठक में शामिल हुए। अन्य रास्ते में हैं और जल्द मुंबई पहुंच रहे हैं। 11 विधायकों का फोन नॉट रिचेबल है। इन सभी हलचलों के बीच शरद पवार मीडिया के सामने आए। करीब 11 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

उनसे सवाल हुआ कि शिंदे क्या खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं तो बोले कि उन्होंने ऐसी इच्छा हमसे जाहिर नहीं की। पंवार ने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार गिराने की साजिश पहले भी हुई है पर चिंता की बात नहीं… उद्धव सरकार चलती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह सरकार का मसला नहीं है, यह शिवसेना का अंदरूनी मामला है।

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