टिहरीः प्रतापनगर ब्लॉक के राजस्व ग्राम बनकुंडाली स्थित घांट्य नामे तोक से पानी को लाइन के माध्यम से बगैर ग्राम पंचायत की अनुमति के 3 किमी दूर गढ़-सिनवाल गांव ले जाने पर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। इस तोक से बनकुंडाली के अलावा भरपूरिया गांव और पुजार गांव के ग्रामीणों की सिंचाई भी होती है। विरोध स्वरूप तीनों गांव के लोगों ने कार्य स्थल पर जाकर विरोध दर्ज किया। कहा कि तुरंत इस पर रोक न लगी तो बेमियादी आंदोलन शुरू करने को बाध्य हो जाएंगे।

गुरूवार को प्रतापनगर ब्लॉक की भदूरा पट्टी के ग्राम पंचायत सौड़-बनकुंडाली, पुजारगांव और भरपूरिया गांव के लोगों ने घांट्य तोक पहुंचकर बगैर एनओसी के पानी को 3 किमी दूर गढ़-सिनवाल गांव ले जाने पर आपत्ति जताई। सौड़ की प्रधान प्रिंयका का कहना है कि लॉकडाउन के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी गांव लौटे हैं। वह अपने खेतों में कृषि कार्य शुरू कर रहे हैं।

यहां के पानी से भरपूरिया और पुजार गांव के खेतों की सिंचाई होती है। साथ ही पानी की भी वैकल्पिक व्यवस्था का एकमात्र स्रोत है। लेकिन गढ़-सिनवाल गांव के लोगों ने तीनों गांव के लोगों को पेयजल योजना बनाने के बारे में पूछा तक नहीं। जबकि उनके गांव के पास बड़ी मात्रा में भदूरा गाड का पानी है। जबरन उनका पानी ले जाया गया तो वह आंदोलन शुरू करेंगे।

इस मौके पर प्रधान मातबर सिंह, सुरेंद्र नौटियाल, लुदरी दत्त नौटियाल, सोनपाल पंवार, हरि सिंह, राजेंद्र पवांर, राम गोपाल रतूड़ी, विक्रमा देवी, वीरेंद्र प्रसाद, कुशलनंद रतूड़ी, शशि देवी, वीरेंद्र प्रसाद, पुष्पा देवी, सतीश चंद्र, मुन्नी देवी आदि शामिल रहे।

इस बाबत तहसीलदार शंभू प्रसाद ममगाईं का कहना है कि तीन गांव के लोगों का वहां पर विरोध है। राजस्व उपनिरीक्षक की रिपोर्ट आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। कहा कि विवाद का समाधान किया जाएगा।

बनकुंडाली गांव में पानी लेकर हुआ संग्राम, ग्रामीणों ने जताया आक्रोश…

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