देहरादून। व्यासी जल विद्युत परियोजना की चपेट में आये लोहारी गांव वांशिंदों के खेत-खलिहान अब उनकी आंखों के सामने से ओझल हो चुके हैं। खेत-खलिहानों को  झील में डूबता देख लोहारी गांव के लोगों की आंखें छलक आ रही हैं।  अब उन्हें खेत-खलियानों के बाद अपने आशियानों के झील में समाने का डर सताने लगा है।

सोमवार को लोहारी गांव के प्रभावित परिवारों  ने  जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी डाॅ0 आर राजेश कुमार से अपनी मुंह बायें खड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर मुलाकात की। इस अवसर पर प्रमुख सचिव न्याय/विधि राजेन्द्र चौहान उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अपनी समस्या से अवगत कराते हुए कहा कि विस्थापन की प्रक्रिया पूर्ण होने तक निवास हेतु अस्थाई आवासीय सुविधा मुहैया कराई जाय। लोहारी गांव की अतिरिक्त भूमि पर ही विस्थापन करने का अनुरोध किया ताकि ग्रामीण स्थानीय लोक संस्कृति एवं रीति रिवाज से जुडे़ रहे।

जिलाधिकारी डाॅ0 आर राजेश कुमार ने उपजिलाधिकारी चकराता एवं यूजेवीएनएल के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बुधवार को चिन्हित स्थल पर पहुंच कर संयुक्त निरीक्षण करे। कहा कि उक्त स्थल का भूगर्भीय सर्वेक्षण कराते हुए क्षेत्र की सुरक्षा के मापदण्डों का भली भांति पालन करते हुए स्थान का चिन्हांकन किया जाए।

डीएम ने संबंधित अधिकारियो को मानवीय पहलुओं को दृष्टिगत रखते हुए एक सप्ताह के भीतर लोहारी गांव से हटाये गए परिवारों के लिए अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था किये जाने तथा ग्रामीणों को अस्थायी निवास हेतु चिह्नित किए गए स्थल पर सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने उपजिलाधिकारी चकराता एवं यूजेवीएनएल के अधिकारियों को मौके पर जाकर लोहारी ग्राम वासियों से संवाद स्थापित करते हुए उनकी शंकाओं का समाधान करने के निर्देश दिए।

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