चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के चलते सड़कों पर बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए परिवहन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विभाग द्वारा देहरादून और हरिद्वार जनपद के प्रमुख मार्गों पर एक विशेष इंटरसेप्टर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। 09 जून से शुरू हुआ यह सघन अभियान आगामी 15 जून 2026 तक जारी रहेगा।
​अभियान के दौरान ओवरस्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव, ओवरलोडिंग, अवैध पार्किंग और निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल जैसे गंभीर यातायात उल्लंघनों पर बेहद सख्त रुख अपनाया जा रहा है।
​इन तीन प्रमुख रूटों पर तैनात हैं इंटरसेप्टर टीमें
​यातायात को सुचारु रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखने के लिए तीन सबसे व्यस्त मार्गों पर विशेष इंटरसेप्टर दल तैनात किए गए हैं:
​प्रेमनगर आश्रम से चंडी चौक – नेपाली फार्म मार्ग
​नेपाली फार्म – भानियावाला – जौलीग्रांट – रानीपोखरी मार्ग
​आईएसबीटी – मोहकमपुर – लच्छीवाला – डोईवाला मार्ग
​इस विशेष अभियान का नेतृत्व परिवहन कर अधिकारी  वरुणा सैनी (हरिद्वार इंटरसेप्टर दल),  हरीश रावल (रुड़की इंटरसेप्टर दल) एवं  श्वेता रौथाण (देहरादून इंटरसेप्टर दल) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
​आंकड़ों में कार्रवाई: 76 वाहन ओवरस्पीडिंग में नपे, 19 गाड़ियां सीज
​अभियान के दौरान अब तक कुल 312 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं, जबकि नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 19 वाहनों को सीज (बंद) किया गया है।
​प्रमुख प्रवर्तन कार्रवाइयों का विवरण:
​ओवरस्पीडिंग: 76 वाहन तय गति सीमा से तेज दौड़ते पाए गए।
​रॉन्ग साइड ड्राइविंग: 50 वाहन गलत लेन या विपरीत दिशा में चलते मिले।
​बिना टैक्स: 36 वाहन बिना कर अदायगी के सड़कों पर संचालित हो रहे थे।
​बिना परमिट: 21 वाहनों के पास वैध परमिट नहीं था।
​बिना फिटनेस: 16 वाहन बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे थे।
​कमर्शियल इस्तेमाल: 02 निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग किए जाने पर उन्हें मौके पर ही सीज कर दिया गया।
​अवैध पार्किंग और जाम लगाने वालों पर भी चला हंटर
​इंटरसेप्टर टीमों ने सिर्फ चालान ही नहीं किए, बल्कि आईएसबीटी देहरादून, नेपाली फार्म और चंडी चौक हरिद्वार जैसे संवेदनशील इलाकों में अवैध रूप से खड़ी बसों और अन्य वाहनों को तत्काल हटवाया। इन वाहनों के कारण हाईवे पर लंबा जाम लग रहा था, जिन्हें हटवाकर यातायात को सुचारु किया गया।

​संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) देहरादून संभाग, डॉ. अनीता चमोला ने साफ शब्दों में कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यातायात हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
​उन्होंने कहा— “ओवरस्पीडिंग, बिना परमिट संचालन और अवैध पार्किंग ही पहाड़ी और मैदानी मार्गों पर दुर्घटनाओं के मुख्य कारण बनते हैं। परिवहन विभाग ऐसे मामलों में शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रहा है। आधुनिक उपकरणों से लैस इंटरसेप्टर टीमें 15 जून तक लगातार 24 घंटे निगरानी करेंगी।”
​चालकों से अपील: डॉ. चमोला ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सभी वैध दस्तावेज साथ लेकर चलें। उन्होंने जोर देकर कहा— “सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की साझी प्रतिबद्धता है। सुरक्षित यात्रा ही सफल यात्रा की असली पहचान है।”

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